Skip to content
Back to verticalWatch for free

जेठानी ने उड़ाया गरीबी का मज़ाक! बहू ने 'तरबूज के छिलकों' से रचा इतिहास

जेठानी ने उड़ाया गरीबी का मज़ाक! बहू ने 'तरबूज के छिलकों' से रचा इतिहास ​जब घमंडी जेठानी ने लाल तरबूज खाकर उसके बचे हुए छिलके (कचरा) छोटी बहू के मुँह पर फेंक कर मारे, तो छोटी बहू फूट-फूट कर रोने लगी! जेठानी ने ताना मारा कि तेरी औकात सिर्फ ये कचरा खाने की है! ​लेकिन एक होशियार बहू कभी हार नहीं मानती!

Original on YouTube

More to watch