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जब अच्छाई चुप हो जाए, तब कौन जागता है?: माँ कात्यायनी: नवरात्रि Day 6
जब अधर्म इतना बढ़ जाता है कि अच्छाई भी चुप हो जाती है — तब एक माँ जागती है! दोबारा पढ़ने वाली पंक्ति: "शक्ति का अर्थ है — निर्बल की रक्षा के लिए, सही समय पर खड़ा होना।" माँ कात्यायनी — ऋषि कात्यायन की कठोर तपस्या से जन्मीं। चार भुजाओं में चमकती तलवार और कमल, सिंह पर सवार। यही वह रूप है जिसमें माँ ने महिषासुर का वध किया — जब अधर्म अपने चरम पर था। Great Learnings — जहाँ हर कहानी सिखाती है जीना।
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