फ़िल्म
रात के 2 बजे उसने हार मान ली… तभी माँ कात्यायनी जागीं : KathaJagat
रात के 2 बजे उसने कहा — "अब मुझसे नहीं होगा…" और तभी कमरे में एक अजीब खामोशी छा गई… कोई डर नहीं… बस एक आवाज़ आई अंदर से — "भागना बंद करो।" माँ कात्यायनी मंदिर में नहीं… उस पल में प्रकट होती हैं जब इंसान टूटकर भी खड़े होने का फैसला करता है। अब सवाल तुमसे है — तुम भागोगे… या लड़ोगे?
देखें