मुख्य सामग्री पर जाएँ
वर्टिकल पर वापसमुफ़्त देखें

दादाजी ने अनजान औरत को दिया सहारा… लेकिन दादी ने देखते ही पहचान लिया सच

आधी रात दादाजी को रास्ते में एक अनजान औरत अकेली मिली। उसकी हालत देखकर दादाजी को उस पर तरस आ गया और वे उसे सहारा देने के लिए अपने घर ले आए। लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिसे वे एक बेसहारा औरत समझ रहे हैं, वो इंसान ही नहीं है… घर पहुँचते ही दादी को उस औरत पर कुछ शक होने लगता है और धीरे-धीरे सामने आता…

मूल वीडियो

और फ़िल्में