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जिस बेटी को कभी बोझ समझा गया… वही एक दिन पूरे परिवार का सहारा बनी।

जिस बेटी को जन्म से ही बोझ समझकर ठुकराया गया, वही बेटी एक दिन अपने परिवार का सहारा बनती है। यह दिल छू लेने वाली हिंदी कहानी माँ-बेटी के रिश्ते, भेदभाव, संघर्ष, शिक्षा और सफलता की भावुक कहानी है। देखिए कैसे नैना तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करती है और साबित करती है कि बेटी बोझ नहीं…

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